हिंदू मान्यता के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से मानी जाती है
कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव से अपने मन को स्थिर करने के लिए घोर तप किया था। तप के दौरान भगवान शिव के भय सा लगा उन्होंने आंखें खोल दी, जिससे उनके नेत्र से आंसुओं की बूंदें गिरने लगी जिससे गौड़ देश से लेकर मथुरा,अयोध्या,काशी,लंका,मान्यचल आदि देशों में रुद्राक्ष की उत्पत्ति हो गई उसी समय से रुद्राक्ष देवताओं का भी प्रिय हो गया तथा पूजा में रुद्राक्ष का विशेष महत्व हो गया।
भगवान शिव के वरदान के अनुसार जो मनुष्य रुद्राक्ष धारण करता है वह सब को अति प्रिय होता है
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