बात 1739 ईस्वी की है! जब नादिर शाह दिल्ली पर हमला किया और दिल खोलकर लोगों को लुटा !
वह आपने साथ अपार धन-दौलत के साथ-साथ सैकड़ों हिंदू औरतों को भी अगवा करके ले जा रहा था यह खबर जब सिखों की फौज को लगी तो उन्होंने रात के समय नादिरशाह के काफिले पर छापामार हमला किया और उन स्त्रियों को छुड़ाकर पूरी इज्जत के सम्मान के साथ उनके घर पहुंचाया उस समय मुगलों और नवाबों का राज था,वे जब चाहते शहरों से सुंदर स्त्रियों को उठा ले जाते और मजबूर हिंदू कुछ ना कर पाए जाते थे! सिखों ने इस अत्याचार के विरोध कमर कसी देर रात को मुगलों के पड़ाव पर छापामार हमलाा करते और देखते ही देखते स्त्रियों को शोभा और उनके परिवार को सौंप देते मुगल सेना इन हमलों से परेशान हो गई! यह हमलेेे अक्सर रात 12:00 बजे के आसपास होते थे इसका असर यह हुआ की मुगल सैनिक महलों मेंं भी सोते-सोते घबराकर राात 12:0 बजे उठ जाते और चिल्लाते चिल्लाने लगते बचाओ बचाओ सिखों आ गए इस पर इस प्रकार सिखों ने अपनी जान पर खेलकर इन इस देश की इज्जत और आबरू को नीलाम होने से बचाया
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